नारी तेरे रूप अनेक -7

पिछे पार्ट 6 में आप ने अब तक पढ़ा ..  बडकी और छुटकी दोनो मेरे कमरे में आ गयी थी | ..बडकी ने पेण्ट खोलने लगी पेण्ट खुलते ही गधे जैसा लन्ड देख कर छुटकी व उस की माँ हैरान हो गयी किया इतना बड़ा लन्ड भी होता है,छुटकी और उन के पीछे छूटकी की माँ भी अंदर आ गयी बडकी पास आकर बोली हमे प्यासा रख दिया किस रण्डी को चोद करा रहे हो जो गाल को दांतों से चबा लिया।

छुटकी की माँ ने कहा दोनों ने लन्ड को हाथ मे लेकर देखा सचमुच ये हमारी चुत की बारह बजा देगा।बडकी को पूछा बडकी तेरी मम्मी कब तक घर पहुच रही है उस ने कहा कहा आते आते अंधेरा तो पड़ ही जायेगा।फिर भी फोन लगा कर पूछ लेती हूं.बडकी ने पत्नी को फोन लगाया मम्मी जी शाम को किया सब्जी बनाऊ और आप कब तक आएंगी सामने से जवाब मिला देर हो जाएगी घर पहुँचूंगी तब तक आठ नो बज जाएंगे।

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अच्छा ये बता तेरे पापा अभी तक आये या नही बडकी बोली अभी उनका फोन आया था आठ नो बजे तक आएंगे सब्जी बताना आप भूल गयी,तेरे पापा को पसनद की बना दे इतना कह कर फोन काट दिया छोटु का पूछा तो बोली वे सुबह से अस्पताल में ही है सायद आज रात को भी रुकना पड़ेगा डॉक्टर ने कहा हालात सीरियस है हम बातो में थे छुटकी और उस की माँ दोनो लन्ड को बड़े आराम से चुस रही थी.

तभी कालबेल बजने की आवाज आई बडकी को बोला एक बार देखो कौन है बडकी देख कर आई वो पड़ोस वाली आंटी जी के साथ कोई आया है हम सब सावधान हो गए सभी को बाहर भेज मेने ही दरवाजा खोला मुहल्ले में मेरे एक मित्र के सुसराल में पड़ा लिखा लड़का था पहले मेने ही कहा था मेरी कम्पनी में पढ़े लिखे की जरूरत है वो उस को लेकर आई थी उन्हें लेकर अंदर आया लड़के को मेरे कमरे में ले जाकर सारा बायोडाटा लेकर लिख़ने लगा सभी लिख कर सेव करने कम्पनी में युसुप भाई को फोन किया ये लड़का आ रहा है कुच दिन देख कर वापिस मुजे बताए मेने उस को रवाना किया

तब तक अस्पताल से फोन आ गया छुटकी के मायके से रिश्तेदार आये है छुटकी और उस की माँ को अस्पताल पहुचना था तभी कुछ ही देर में छोटु उन्हें लेने आ गया दोनो मेरे सामने मुंह मरोड़ कर मुजे से विदा हुई अब कुछ शान्ति महसूस कर रहा था तभी कोई ना कोई पड़ोसी आ जाता इस वजह से बड़की को चोदने का मौका नही मिल रहा था,ऐसे करते करते रात आठ बजे तक पत्नी व साली की बड़ी लड़की जिसे मैं तनिशा कहता हूं तनिशा के साथ दो साल की बच्ची थी एक बड़ी लड़की चार साल की जिसे घर छोड़ आई आते ही तनिशा ने प्रणाम किया

फिर अपनी घर की सारी कहानी बताने लगी मुझे कहा हमारे परिवार वाले पिताजी की मौत पर रोनेकी जगह बटवारा मांग रहे है अगर आप चले तो आप उन्हें समजा सकते है एक बार आप मम्मी से फोन पर बात कर ले यह कह कर वो फोन लगाने लगी उस को बोला मेरे फोन से में बात करत ही फोन लगा कर लूंगा,

तनिशा अपनीअ माँ को फोन लगाया फोन पर बात करती बोल रही थी हा, हु, ठीक है,बाकी सभी ले आई हूं,आज रात को मोसा जी के साथ आ जाउंगी ये कह कर फोन मुजे दिया,हेलो बोलते ही साली बोली कही मेरी आवाज बाहर किसी को सुनाई तो नही दे रही,मेने कहा नही।

फिर वो बोलने लगी जीजू तनिशा को लेके आज अभी ही निकल पडो,आधी रात तक पहुच जाओगे तो मेरे एक चुदाई हो जाएगी, चुदाई से कुछ ठंडक मिल जाएगी,मेने कहा अब रात की बजाय सुबह आराम से रवाना होता हु,दोपहर तक पहुच जाओगे मेने जानबूझकर पत्नी की और देख कर कहा था,

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तभी बोली मेरी बहन से बात करवाओ मेने पत्नी की और बुरा मुंह बना कर फोन दिया दोनो बहने में काफी लंबी बहस चली आखिर पत्नी ने कहा ठीक है अभी खाना खिला कर रवाना करती हूं,इतना कह कर मेरी और देख कर मजबूरी का मुंह बना कर इशारा किया ये मेरी बहन का जरूरी काम है अपन लोग तो फिर भी मिल लेंगे,

तुम तनिशा के साथ जाओ तनिशा अब कोई बच्ची नही थी वो सारे हाव भाव पढ़ कर समझ रही थी पत्नी बोली चलो जी पहले भोजन कर लो मेने कहा आप को मालूम है ठकुराइन हम भोजन से पहले दो पेग पीना चाहेंगे बहुत दिन से आप के हाथ की नही पी है आप आज ऐसा करे आप और बडकी और आज तनिशा भी आई हुई हे

बहुत दिन से किटी पार्टी नही की है आज कर लेते है एक डेढ़ घण्टा ज्यादा लगेगा आखिर वहा पहुच कर भी तो सोना ही है और आप के साथ बैठ कर बात किये एक युग बीत गया इस बहाने आप से भी कुछ बात हो जाएगी तभी पत्नी बोली आप को गाड़ी चलानी है ज्यादा हो गयी तो मैने कहा आप को मेरे साथ रहते बरसो हो गए आप ही बताये कब ज्यादा हुई थीं हा ये बात सच है

आप पूरी बोतल खाली करने के बाद भी आप की जुबान नही लड़खड़ाती है चलो अब यही लाऊ या बार वाले कमरे में चलते है आप वही चलिए तब तक मे,बाथरूम जाकर आता हूं,हमारे परिवार में महिलाओं का पीना सिर्फ मेरे घर मे ही छूट दे रखी है कभी कभी पूरा परिवार एक साथ बैठ कर पीते है हम इसे कोई बुरा नही मानते।

तनिशा दो चार बार यहा आई थी पहले उस समय से उसे पीने का शोक लग गया बाथरूम कर बार वाले रूम में एक पलँग और चार कुर्सिया एक टेबल लगा रखी थी एक अलमारी एक डीप फ़्रिज अलमारी में सभी प्रकार की बोतलें रखी थी मे जाकर पलँग पर बैठ गया वहां तनिशा पहले से बैठी थी,बडकी पापड़ सेक कर लाने वाली थी.

में तनिशा के पास बैठ गया पत्नी बोली कोन सी पिओगे तनिशा की और देख कर पूछा वो बोली में बीयर पियउँगी मेने भी बियर का कहा पत्नी बोली बियर में टाइम लगेगा तीन चार घण्टे से पहले फ्री नही होंगे,तभी बडकी आई उस को पूछा वो बोली सब की इच्छा हो वैसा करो फ़्रिज के पास जाकर दो किंगफिशर बियर निकाल लाई बडकी तीन गिलास ले आई मेने तीनो गिलास में डालकर सभी के साथ चियरच किया और बोला हमें जल्दी निकलना है इसीलिए पहला गिलास एक बार मे खाली कर दो उस के बाद अगले गिलास धीमी गति से पियेंगे।

सभी ने ऐसा ही किया पत्नी सामने बैठी थी टेबल की ऊंचाई पलँग से ज्यादा थी पत्नी के पास बड़की बैठी थी पत्नी के पैर मेरे पेर से टकरा रहे थे मेने दोनो पैरो से मचल दिया उधर बडकी ने अपने पैर मेरी और ला थी थी.एक पैर उस के पैर पर रख कर मुंह से इशारा किया मम्मी और तनिशा की और देख कर तनिशा की और देखा वो सब ध्यान से देख रही थी.

तनिशा मुजे देख कर कातिल नजरो से मुस्कराई बदले में मैने भी मुसकराह कर जवाब दिया।अब मेने पलथी मार कर पलँग पर बैठना पड़ा दूसरा गिलास भी खाली हो गया था.अब तक हल्का हलका नशा सभी को आ चुका था अब घड़ी देखा रात के साढ़े नो बज रहे थे.मेने कहा एक गिलास सभी हाथ मे भर कर डाइनिंग टेबल पर लेकर चलो जब तक भोजन लगे चलते फिरते गिलास को खाली कर देना।

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इतना कह कर हम डाईनिंग रूम की और चलते चलते पीते रहे जब तक भोजन आया तब तक गिलास कर जलदी से भोजन किया पत्नी को मेरे रुम में इशारा से बुलाया वो अंदर आई उसे बाहो में ले लिया बदले में उस ने चुम्बन दिया कुछ देर बूब्स जो मेरे पसन्द के थे थोड़ा सा ब्लाउज ऊंचा कर बूब्स चुस ने लगा वो मेरी पेण्ट को थोड़ा नीचे कर लन्ड को बाहर निकाल कर मचलने कहने लगी बहुत दिन से ईच्छा हो रही है,

पत्नी बोली जल्दी आना,ये गाल पर निशान कहा लगाया,मेरी चोरी पकड़ी गई पूछा ऐसी काटने वाली कोन थी,कभी मुजे भी मिलवाओ वापिस आने के बाद हम आलीशान बंगले में शिफ्ट होंगे,इतने में तनिशा कमरे से वापिस जाते दिखी,पत्नी को कहा तनिशा ने देख लिया अब वापस आकर मिलता हु,

बडकी को आवाज लगाई वो रसोई से बोली जी पापा मेरा बेग तैयार हो तो मुजे दे दो,इतना कह कर कपड़े जो आज मौसी और भान्जी ने खरीदे थे वो सब समान कार की डिक्की में रख कार को घुमा कर सीधा किया तब तक तनिशा भी बच्ची को लेकर पिछली सीट पर बैठ गयी,बडकी ने बेग लाकर तनिशा को ही दिया तभी पानी की बोतल का पूछा बडकी बोली आप की जरूरत का सभी सामान है मेने ड्रिंक की बोतल का पूछा बडकी बोली मुजे सब मालूम है आप को किया जरूरत पड़ेगी वो सभी सामान बेग में है.

आप एक बार कह कर भूल सकते है में नही पिछले सबढो को बड़की जबान पर जोर देकर हल्की सी मुस्कराहट से जवाब दिया,घर वाली को टाटा कर कार को वहा से रवाना किया घड़ी देखी तो दस बज गए थे,पांच छह घण्टे का सफर था,कार को शहर से बाहर मैन हाईवे पर लाकर छह लाइन पर चलाने लगा,

तनिशा को पानी की इच्छा हुई होगी उस ने मेरा बेग खोला ऊपर ही डिलडो पड़े थे जो बेग खुलते ही दिख गए कनखियों से चलती कार में तनिशा जो कर रही थी उस का अहसास हो रहा था,डिलडो को घुमा फिरा कर देखने के बाद साइड में रख दिया बोतल निकाल कर पानी के कुछ घुट भर पी के मुजे पानी का पूछा मेने दो घुट पानी पीकर ऐसी के पास बोतल रख दी.

हल्के से पीछे देखा डिलडो के बटन दबा उस डिलडो के वाइब्रेशन से काफी कुछ समज चुकी थी,उस ने साड़ी को हल्का सा ऊंचा कर दाये हाथ से डिलडो को चुत पर रगड़ने लगी अब मेरी भी इच्छा होने लगी जब तीस साल की जवान लड़की पास हो ऊपर से बियर का नशा हो हाथ मे डिलडो लेकर चुत मचलती लड़की दिखे तो किस का मन नही होगा साडू के घर मे अपने पति सहित रहती थी.

इस का पति ओर मेरे साडू दोनो ने मिल कर केमिकल प्लांट लगा रखा था,मेरी दो अडचन थी,पहली तनीषा दूसरी इस की छोटी बहन अनिशा जो अभी अठारह साल की हुई थी उसे भी चोदुँगा पर बाद सही समय आने पर

पहले गाड़ी रोक कर तनीषा को आगे लेना पड़ेगा,अचानक लाइट चालु की पीछे देखा,यही वो समय था तनिशा की चूत पानी छोड़ रही थीं में देख कर मुसकराया और बोला तनिशा ये तो नकली है,असली देखना हो तो आगे आ जाओ,इतने देर में गाड़ी को साइड में लगा कर अगली फटक खोल दी.

वो आगे आकर बैठ गयी तब तक मेने लन्ड को पेण्ट से बाहर निकाल कर गाड़ी को पचास साठ की स्पीड से गाड़ी चलाने लगा,तनिशा ने लन्ड को हाथ से सहला कर कहा मौसाजी इतना बड़ा और इतना मोटा हे आप का मुसल,आप भी कमाल के हो.

इतने में मेरा मोबाइल बोल पड़ा नम्बर देखा तो साली ही थी रिसीव का बटन दबा कर कहा अभी शहर से बाहर निकले है तड़के तक पहुच जाएंगे फोन रख कर तनिशा बोली लगता है ये डिलडो मम्मी के लिए ही है.में मुस्करा पड़ा वो बोली मम्मी को क़भी ऐसा शोक तो नही था ये शोक कब लगा.

तब मुजे कहना पड़ा ये तुम्हारे हाथ मे जो मूसल है ईस को जो एक बार ले लेता है उसे जिंदगी भर ये मूसल लेने का शोक लग जाता है।अभी तेरी मममी को इस मूसल की जरूरत है तनिशा पूछा किया,बडकी भी इस मूसल का स्वाद चख चुकी है.मेने कहा हा ओर कोन कोन जिस किसी ने एक बार हाथ मे लिया वो सब नाम जानकर किया करोगी,उस ने पीछे देखा बच्ची सो रही थी.

बेग आगे लेकर शराब की बोतल निकाली,तभी तनीषा का मोबाइल बोल पड़ा,फोन इस समय उस के पति का आया था,फोन उठा कर बोली जी मे मासाजी के साथ हु.देर सवेर पहुच जाएंगे कुछ और बात कर के फोन रख दिया बोतल के ढक्कन खोल कर मुंह मे लगा कर तीन चार घुट पीकर बोतल बन्द कर अपने हाथ मे ही रखी,मासाजी एक बात पुछु…..

कहानी जारी रहेगी अगले भाग मे … अपने विचार कमेंट करना ना भूले |