मामा की लुगाई के साथ चुदाई

दोस्तों मै आपको अपनी सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ उम्मीद करता हूँ कि आपको मेरी कहानी पसंद आएगी। दोस्तों पहले मैं आपको अपने बारे में बताना चाहूँगा मेरा नाम अज्जु है । मेरी उम्र 19 साल है । मैं दिल्ली में रहता हूँ । मैं आपको अपनी मामी के बारे में बताना चाहता हूँ।

मेरी मामी जी बहुत सुन्दर उनकी कमर 38 की है और उनकी उम्र लगभग 30 की है । मेरी मामी बरेली में रहतीं हैं । मेरी मामी के घर मेरी नानी , मामी ओर उनकी एक 5 साल की लड़की रहते हैं ओर मेरे मामा मुंबई में काम करते हैं इसलिए वो दो महीने में घर आते हैं ।

अगर किसी भाभी आंटी या लड़की को अपनी प्यास मिटानी है तो एकबार मेल जरूर करें। आपका ये शुभ चिंतक हमेशा आपकी खिदमत में हाज़िर रहेगा।।

मै कहानी पर आता हूँ मैं काॅलेज के एगजाम खत्म होने के बाद अपनी मामी के यहाँ रहने गया था । मैं हर साल अपनी मामी के यहाँ रहने जाता हूँ ।

मेरी मामी के घर में दो कमरे हैं एक में मामी सोती है ओर दूसरे में मै ओर नानी सोते थे ।मैने अपनी मामी के बारे में कभी गलत नहीं सोचा था । एक बार मै दोस्तों के साथ बैठा था तो मुझे घर जाने में थोड़ी देर होगयी मै घर पोहचा तो मामी घर में अकेले थी उनसे पुछा नानी कहा है तो मामी बोली वह शादी में गयी है खुशी को साथ लेकर ओर 3 दिन बाद आएगी | आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | वो मुझे खाना निकाल कर दे गयी ओर मुझसे कहा की आज तुम भी मेरे कमरे में सो जाना मैने कहा ठीक है ओर वो सोने चलीं गयी । शायद वो मुझसे चुदना चाहती थीं।

मे कमरे में गया और वो इतनी खूबसूरत लग रही थी नाइटी में की मेरा उन्हें चोदने का मन हो गया उन्के बराबर में जाकर लेट गया वेसे पहले तो मैने कभी अपनी मामी के बारे में कुछ गलत नही सोचा था |

लेकिन उनके बराबर में लेट कर उनके शरीर की गर्मी को महसूस करने के बाद मुझे जोश चढ़ने लगा था अब मुझे अपनी मामी को चोदना था। पर कैसे चोदू ये समझ नही आ रहा था इधर मेरा सिर फट रहा था कि मामी को कैसे चोदू ओर उधर मेरा लंड मेरी पैंट फाड़ने को तैयार था।

फिर मैंने हिम्मत करके मामी की जांघ पर हाथ रख दिया और हल्के हल्के से सहलाने लगा और धीरे धीरे उनकी नाइटी ऊपर करने लगा। उस तरफ से विरोध न होने पे मैन अपना काम थोड़ी तेज़ करदिया मेने उनकी नाइटी ऊपर करदी अब उनकी चिकनी चिकनी जांघ दिखने लगी थी ओर उन्होंने ब्लैक कलर की पैंटी पहन रखी थी उसमें से उनकी फूली हुई चुत साफ दिख रही थी मेने उस पैंटी को भी थोड़ा सा नीचे करदिया अब उनकी गुलाबी सी मस्त सी चूत भी दिखने लगी थी

शायद उन्होंने उसी दिन चूत के बाल कटे होंगे मुझसे ये देख के बर्दाश्त नही हुआ और मैन वही मुठ मारना शुरू करदिया ओर जब में झड़ने वाला था तो मै अपना लंड मामी की चूत के पास ले गया और उनकी चूत पे सारा माल निकाल दिया और उनके कपड़े सही करके सो गया।

फिर मामी ने अगले दिन मुझसे कहा के रात को क्या कर रहे थे तुम मेरे साथ में अभी तुम्हारे पापा को कॉल करके बोलती हु की तुम मेरे साथ क्या कर रहे थे मेरी हवा टाइट होगयी में मामी के सामने हाथ जोड़ने लगा और कहने लगा प्लीज मामी ऐसा मत करना आज के बाद में कुछ भी नही करूँगा

ऐसा मेरी बहोत गांड फट रही थी और फिर मामी की एकदम से हँसी छूट गयी ओर कहने लगा कि ठीक है नही कहूंगी लेकिन एक शर्त है मेने कहा के ठीक है मुझे आपकी सारी शर्त मंजूर है वो कहने लागू की तुम्हे मुझे चोदना होगा

मेरे मन मे तो एकदम से खुशी की लहर आगयी थी मेने तुरंत हाँ करदी और हम दोनों बेडरूम में चले गये. मामी ने साड़ी पहनी थी. फिर मैंने रूम बंद कर दिया और १५ – २० मिनट तक लिप लॉक किया. वह्ह्ह… क्या मस्त लिप्स थे.

फिर मैंने गले पर, कान पर किस किया और चूसा. मामी ने फिर अपना ब्लाउज उतार दिया और मामी अब मेरे सामने सिर्फ ब्लैक ब्रा में थी. मैंने ब्रा के ऊपर से ही मामी के एकदम गोरे बूब्स को दबाया और उन पर टूट पड़ा. मैंने उनको दबा रहा था और फिर ब्रा को फाड़ कर एक साइड में फेंक दिया.

अब मैंने मामी के बूब्स को पकड़ा और बारी – बारी से दोनों बूब्स को चुसना शुरू कर दिया और बड़े ही मज़े से चूस रहा था. मामी सिस्कारियो से साथ मेरा फुल सपोर्ट कर रही थी.

मामी – चुसो मेरी जान. खा जाओ इन बूब्स को.

फिर मामी ने अपना हाथ मेरे लंड पर रखा और मेरा मुठ मारने लगी.

मैं – चुसो ना मेरी जान. ये तुम्हारा ही है.

मामी – मुझे अच्छा नहीं लगता.

मैं – प्लीज जान. चुसो ना..

फिर मामी ने मेरे लंड को चुसना शुरू कर दिया और मेरा माल मामी के मुह में ही निकल गया. मामी ने मेरा सारा माल पी लिया और मेरे ऊपर लेट गयी.

हम फिर से किस करने लगे और ब्लैक पेंटी मैंने निकाल दी और फिर उनकी चूत में उंगलिया डालने लगा.

मामी अहहाह अहहाह अहहहः अहहाह करके सिसकिया मार रही थी. वो बोल रही थी – मर गयी साले… फाड़ दे ये चूत… बना दे इसका भोस्ड़ा… अहहाह अहः अहहहः. मेंरा फिर से खड़ा हो गया और मैंने मामी के हाथ में पकड़ा दिया. आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | मामी ने कहा – डाल दे इसको अब राजा. और नहीं रुका जा रहा. मैंने मामी की टाँगे फैलायी और पहली बार मामी की चूत को देखा.

वो एकदम गुलाबी मस्त थी. मैंने अपनी जीभ मामी की चूत पर रख दी और उनकी चूत पर काट भी दिया. वो चिल्लाने लगी और जोर – जोर सिस्कारिया भरने लगी. उनका पूरा बेडरूम उनकी सिस्कारियो से भर गया था.

अब मामी की आँखों से पानी आने लगा था और वो बोली – अब मत तड़पा मुझे.. चोद दे इस चूत को. बना दे इसका भोस्ड़ा… फिर मैंने मामी की चूत पर निशाना बना कर चूत को चोदना शुरू किया. मामी सिस्कारियो के साथ पूरा साथ दे रही थी.

फिर मामी मेरे ऊपर खुद पर बैठ कर अपनी गांड को उछाल – उछाल कर मेरे से चुदती रही. मैं २० – २५ मिनट के बाद झड़ने वाला था. तो मामी ने कहा – चूत में ही छोड़ दे. मैं टेबलेट ले लुंगी. मैने अपना माल उसकी चूत में ही छोड़ दिया इस बीच में मामी २ बार झड चुकि थी फिर थोड़ी देर लेटने के बाद में दुबारा उठ गया मैं उसको किस करता , कभी चूत में ऊँगली करता. कभी बूब्स को दबा देता, कभी चूसता और चाटता.

कभी लिपलॉक करता और मैंने फिर अपने लंड का निशाना बनाया. लेकिन इस बार मैंने लंड को मामी की चूत की बजाय उनकी गांड पर रखा. मैंने २० मिनट तक उनको लिपलॉक किया और उनके बूब्स को दबाया और फिर एक दो उंगली के छेद में डाला.

मामी – नहीं जान, दर्द होगा.

मैं – धीरे से करूँगा ना जान.

मामी – नहीं. प्लीज और रोने लगी.

मैंने मामी को कहा – मेरे पर भरोसा रखो और वो फ़ौरन उलटी हो गयी. मैंने गांड में मुह डाल कर चाटा और वो रोते – रोते सिस्कारिया ले रही थी. फिर मैंने धीरे से अपना लंड उसकी गांड के छेद पर रखा और धक्का मारा. मामी चीख उठी और रोने लगी.

उसकी गांड वाकिये में टाइट थी. फिर ५ मिनट तक किस किया और फिर धक्का मारना शुरू कर दिया. तक़रीबन १५ – २० मिनट के तक मैंने जोरदार धक्को के साथ उनकी गांड की ठुकाई की और फिर लंड को बाहर निकाल लिया.

फिर मैंने लंड को उनके बूब्स के बीच में घुसा दिया और उनके बूब्स को चोदा. फिर थोड़ी देर रुकने के बाद, लंड को चूत में उतारा और धक्के मारना शुरू किया. १८ – २० धक्को के बाद, मेरा लंड शांत हो गया और मामी को आई लव यू कहा और हम दोनों सो गए. उसके बाद अब हम दोनो को जब भी मौका मिलता है हम चुदाई कर लेते हैं। आंटी भाभी ओर गर्लस मेल करके जरूर बताना की मेरी स्टोरी कैसी लगी । [email protected]