मेरे साहब के साथ सेक्स

Hello फ्रेंड्स मे अल्का शर्मा एक नई कहानी के साथ हाजिर हूँ आशा करती हूँ कि आप लोगो को मेरी पहली कहानी पसंद आई होगी और मुझे उसके Reply भी मिले तो अब ज्यादा समय न लगाते हुए आती हूँ अपनी कहानी पर..

तो दोस्तो आपको तो ये पता ही है कि मे किसी के घर पर काम करने जाती हूँ और वही के साहब से मेरी चुदाई हुई और उसके बाद जब भी साहब को मोका मिलता है मुझे बजाते हैं मेरे साहब कि उम्र 35 हे और शादीशुदा हैं मेरे बारे में बता दू मे 19 साल कि हूँ और BA 1st year मे पढ़ती हूं मेरे Bob’s ज्यादा बड़े नहीं है हाँ लेकिन ज्यादा उभरे हुए होने के कारण बाहर दिखाई देते हैं

एक दिन कि बात है कि मे किचन में काम कर रही थी और मे ज्यादा तर सलवार सूट ही पहनती हूं और मेरी टाइट फिटिंग होने के कारण और भी हॉट लगती हूँ तो मे किचन में काम कर रही थी अचानक साहब पीछे से आकर मेरे सूट कि बेक लेस खोल दी और किस करने लगे |

मैंने उनको हटाते हुए कहा कि मेमसाहब आजाएँगे हटो तो पता लगा कि वो मार्केट गई हुई हैं फिर मैंने वापिस मूड कर अपने काम में लग गई साहब पीछे ही खड़े खड़े मेरी चोटी को साइड करते हुए किस कि और हाथ आगे बढ़ाते हुए Bob’s दबाने लगे मे धीरे धीरे गरम होने लगी और अब मे चाह कर भी उन्हे रोक नहीं पाती थी |

क्यू कि मुझे नए नए सलवार सूट New ब्रा & और भी बहुत कुछ मिलने लगा था मे साहब के साथ साथ रूम में चली गई और एसी ऑन करके साहब के बेड पर बेठ गई फिर साहब भी आकर मेरे पास बेठ गए सबसे पहले साहब ने मेरी चुन्नी निकाल फेकी फिर मे बेड पर सीधी लेट गई बेड के गद्दे बहुत ही नरम थे जिसपर लेटने का मजा ही और था |

फिर साहब मेरे ऊपर आ गए और दोनों हाथो से मेरे सिर को पकड़ा और मेरे होठ चूसने लगे उनकी पकड़ इतनी मजबूत थी | आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | कि मे उनसे चाह कर भी नहीं छुड़ा सकती थी 10-15 मिनट तक मेरे होठ और गाल पर किस चलते रहे फिर मे उनकी गिरफ्त से जेसे ही आजाद हुई मे बेठ गई और मैंने सूट निकाला अंदर केवल मैंने ब्रा पहन रखी थी |

और फिर साहब ने मेरे सलवार का नाडा खीच लिया जिससे सलवार ढीली हो गई और पेंटि दिखने लगी जो बाद में मैंने निकाल दी साहब मेरे Bob’s को दबाते लेकिन मुझे साहब को पिलाना ज्यादा पसंद था साहब मेरे Bob’s को पूरा मुह में भर लेते और चूसते लगभग 15-20 मिनट में ही मेरे दोनों Bob’s लाल हो जाते |

उसके बाद साहब ने अपना लंड निकाला और चूसने को बोला मैंने पहले लंड हाथ से मसला फिर मुह में लिया कुछ देर के बाद ही और मोटाई दोनों बढ़ गई फिर साहब ने मुझे हटाते हुए बेड पर लेटा दिया मैंने penty निकाल दी और लेट गई साहब ने पास रखा |

तेल अपने लंड पर लगाया और थोड़ा मेरी चुत पर लगा दिया साहब ने मेरी दोनों टांगों को खोला और लंड मेरी छोटी सी चुत पर टिकाया मेरा रोम रोम खड़ा हो गया मैंने आँख बंद कर ली ये लम्हा बहुत ही दर्दनाक होता है |

साहब ने जेसे ही अंदर गुसाना चाहा हल्का सा तोपा अंदर चला गया उसके बाद एक धक्का मारा मेरी हल्की सी चीख निकल गई उई maa uuu hhh आउच साहब ने देखते ही देखते पूरा अंदर डाल दिया मेरी जान निकली जा रही थी लेकिन चुप चाप रहने के अलावा कोई और रास्ता भी नहीं था | आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |

साहब मेरे ऊपर आ गए मेरे दोनों हाथ साहब के कंधे पर और साहब ने मुझे कस कर पकड लिया दोनों हाथ मेरे बगल से निकाल कर कंधे से लगा लिए मेरी टांगे खुली हुई ऊपर कि और थी उसके बाद साहब ने कुछ देर ऎसे ही रखा फिर मैंने कहा कि अब करो उसके बाद साहब ने शुरू मे धीरे धीरे अंदर बाहर करना शुरू किया | आप यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | जिस्से मुझे ज्यादा दर्द नहीं हो रहा था मे हल्की हल्की आह आह भर रही थी मेरी आँखे बंद थी मे सेक्स के आनंद मे डूब चुकी थी |

फिर जब मेरी चुत मे दर्द होना कम कर दिया तो मैंने साहब से फास्ट करने को बोला फिर साहब ने अपनी speed बड़ा ली फिर मे केवल आह आह aah आउच करके चिल्लाने लगी कुछ ही देर में मेरी चुत ढेर हो गई अंदर से हल्का हल्का पानी आने लगा |

जिससे चुत से छप छप कि आवाज आने लगी लगभग 30 मिनट तक मेरी चुदाई चलती रही उसके बाद साहब ने लंड बाहर निकाला और फिर साहब ने मेरे सीने पर लंड हिलाना शुरू कर दिया मे ढेर हो चुकी थी मैंने मुह खोला साहब ने सारा माल मेरे मुह में और कुछ मेरी Bob’s पर और कुछ मेरे चहरे पर डाल दिया मे पूरी गंदी हो चुकी थी |

फिर मे बेड से उठी और बाथरूम में गई जहा मैंने स्नान किया मे नंगी ही बाहर आई और आकर तावल से सारा शरीर पोछा फिर ब्रा पहनी सलवार पहना सूट पहन कर बाल ठीक किये और चुन्नी लगाकर साहब से कहा कि मे अब चलती हूँ साहब ने मुझे अपने पास बिठाया मैंने सीने पर पूरी तरह से चुन्नी से ढक रखा था |

मैंने साहब के बटुवे से अपना हिस्सा निकाला और अपने पर्ष मे रखा और मे वहा से निकल गई लेकिन साहब ने मुझे रोका और पीछे से आकर मुझे हग कर लिया मे साहब कि और घूमी और किस किया साहब दोनों हाथ से मेरे hips दबा रहे थे |

और साहब ने कहा कि पीछे का मोका कब दोगी तो मैंने ये कहते हुए निकल गई कि बहुत जल्दी दूँगी और मैंने मुह साफ किया और चुन्नी लगाते हुए बाहर आ गई और घर आकर दिन में मैंने आराम किया

तो दोस्तो ये भी मेरी कहानी केसी लगी ये मुझे जरूर मेल करके बताए और कोई गलती हुई हो तो भी मुझे जरूर बताए |

-अपकी अल्का
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