बाबा से चुत चुदवाई- 1

वो मेरे चूत के दाने को छेड़ने लग गये थे। फिर दुबारा शहद ले कर चूत पे उंड़ेल दिया। शहद और तेल मिल के कयामत ढा रहे थे। वो फिर नीचे झुके और अपनी उंगलियो से मेरी चूत की पलके फैला दी और छेद पे किस करना शुरू कर दिये।

गांड की छेद पर धुवाधार चुदाई

मे भी अब बेशर्म हो गयी थी और उसका लन्ड चूसने लगी। वो बोला साली कुतिया आज तो तेरे तीनो छेद को मे फ़ाड दूँगा, मे बोली हा मेरे राजा आज तो मुझे अपनी रन्डी बना दे फ़ाड डाल मेरे छेदो को आह्ह्।

चाची की होटल मे जबरजस्त मजेदार चुदाई

मैंने अपना ल** निकाल कर उनको घोड़ी बना लिया और मैंने उनसे कहा कि मैं अब अपना लण्ड तुम्हारी गांड में डाल रहा हूं वह बोली जान जरा धीरे करना मैंने पहले कभी नहीं करवाया गांड में. मैंने थोड़ा सा ऑयल लगाया और धीरे-धीरे उनकी गांड में लण्ड डाल दिया

सुधा के साथ वो रात- 2

सुधा के साथ वो रात- 1 आप लोगो ने मेरी सुधा के साथ वो रात कहानी के कई मेल और रिप्लाइ किये. आप सभी का में आभारी हु माफ़ करना बहुत दिनों के बाद दूसरा भाग लिखा रहा हु. मेरी कहानी अच्छी लगे तो रिप्लाइ करना। चलिये तो अब कहानी कि ओर चलते हैं। रूम […]

मुठ मारना छोड़ चोदना शुरू कर दिया- 5

अगर प्यार और सहमति से चोदे और हमारी मदद भी करे तो चुदने में कोई बुराई नहीं है, बुर तो चुदने के लिए ही होती है पर अपने खुद के मर्द भी बुर का मज़ा पूरा लेते हैं और उसके बाद दो प्यार भरे शब्द भी नहीं बोलते.

नया पड़ोसी भी चोदू निकला

में रोज कभी चूत में खीरा या बैगन डाल कर खुद को शांत करती पर लण्ड की कमी खलती रहती। मेरी नजर बेड के नीचे पड़े कंडोम पे परी । वो वीर्य भी भरा हुआ था। मेरी तो चूत में जैसे कुलबुलाहट शुरू हो गयी। कंडोम को देख लग रहा था कि लण्ड कम से कम 9 इंच से कम नही होगा।

शेरो शायरी: मालाबाई मालती

माला बाई मालती चूतड़-चूत उछालती अचका-मचका दे-दे धचका नाभि कुंडली लचका-फचका वाह वाह, आहआह क्या कहने – – – – -? लंड खड़ा कर डालती! माला बाई नहीं अकेली, लिए फिरे वो सात सहेली सात सहेली खड़ी-खड़ी चूतड़ मचके घड़ी-घड़ी सात सहेली न्यारी-न्यारी मस्त माल सब प्यारी-प्यारी एक भोसवती ,दुजी मरालिनी तीजी शालिनी, चौथी मालिनी […]

मुठ मारना छोड़ चोदना शुरू कर दिया- 4

कुतिया रंडी, तूने मेरे पैसे चुराए थे। तेरे को चाल में बुलाने के लिए मैंने अपनी प्यारी सहेली शीतल को चाल से निकालने के लिए खेल खेला और तू ही मेरे पैसे चुरा ले गई। तुझे तो दो दो लण्डों से चुदवाऊँगी।

मुठ मारना छोड़ चोदना शुरू कर दिया- 3

सकी गांड चोदने के बाद मेरा लण्ड-रस उसकी गांड में बह गया।
रीता निढाल होकर नीचे गिर गई। गरीबी और मज़बूरी आदमी के वाकयी दो सबसे बड़े रोग होते हैं। रीता की गांड भी इस रोग का शिकार हो गई थी।

मुठ मारना छोड़ चोदना शुरू कर दिया- 2

रीता सिसकारियाँ लेती हुई बोली- निगोड़ी को चोद दीजिए न ! आज सुबह उठकर आपके लिए ही चिकनी करी है। सामने उसकी पाव भाजी की तरह फूली हुई गुदाज़ बुर दिखने लगी, अब अपने पर काबू रखना मुश्किल था।